शिक्षा, सामाजिक न्याय, खाद्य और संस्कृति

सामाजिक न्याय एवं संस्कृति विभाग के अंतर्गत निम्नलिखित शाखाऐ हैं:-

  • शिक्षा शाखा,
  • खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति शाखा,
  • स्पोटर््स सेल,
  • सामाजिक सुरक्षा पेंशन एवं अन्य योजनायें
  • मुख्यमंत्री तीर्थ दर्षन योजना

मुख्य कार्य एवं दायित्व


    गरीबों के हितार्थ संचालित शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन योजना के प्रकोष्ठ के माध्यम से किया जाता है।

संचालित योजनायंेः-

1-    राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एन.यू.एल.एम.) योजना:- यह योजना केन्द्र शासन के माध्यम से राज्य सरकार द्वारा संचालित है। इस योजना के तहत नगर निगम क्षेत्रो में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के आर्थिक एवं सामाजिक विकास के लिये निम्नलिखित घटक योजनाऐ संचालित की जाती है:-

  • सामाजिक जागरूकता एवं संस्थागत विकास:- इसके तहत बस्ती स्तर 10-15 महिलाओं का स्वसहायता समूह गठन कर बैंको से लिंकेज कराया जाता है।
  • कौशल उन्नयन एवं प्लेसमेन्ट के माध्यम से रोजगारः- इसके तहत शहरी गरीबो को बाजार की मांग अनुसार शासन द्वारा तय लगभग 19 व्यवसायों में प्रशिक्षण प्रमाणीकरण तथा रोजगार उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण पर प्रति व्यक्ति व्यय राशि अधिकतम रूपये 14000/- तथा प्रमाणीकरण पर राशि रूपये 1000/-व्यय किया जा सकता है।
  • स्वरोजगार कार्यक्रमः- के तहत व्यक्तिगत उद्यम के लिये रूपये 2.00 लाख तक तथा स्वसहायता समूह उद्यम के लिये 10 लाख तक का ऋण बैंको के माध्यम से   प्रदान किया जाता है। इस ऋण राशि पर बैंक की  प्रचलित ब्याज दर की जगह मात्र 7 प्रतिशत ब्याज हितग्राही द्वारा तथा शेष ब्याज योजना के तहत  उपलब्ध कराया जाता है तथा स्वसहायता समूह ऋण की स्थिति में 3 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान उपलब्ध कराया जाता है।

सतना का नक्शा

SWACHHTA ABHIYAN